बिहार बाढ़: 50 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 15 जिलों में 576 ग्राम पंचायतें जलमग्न
बिहार में बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। 23 सितंबर 2026 तक राज्य के 15 जिलों में करीब 50.49 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं और 576 ग्राम पंचायतें जलमग्न हैं। कई प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे राहत और बचाव अभियान जारी है।
स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार में 23 से 26 सितंबर के बीच बारिश की चेतावनी जारी की है। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 23, 25 और 26 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है।
50 लाख का आंकड़ा अब 50.49 लाख तक पहुंचा
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, मौजूदा बाढ़ से करीब 50.49 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। यह असर 15 जिलों तक फैला है और 576 ग्राम पंचायतें पानी से प्रभावित हैं।
प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।
सितंबर के मध्य में प्रभावित लोगों की संख्या करीब 49.67 लाख बताई गई थी। इसके बाद यह आंकड़ा 50 लाख के पार पहुंच गया है। यानी बाढ़ का प्रभाव अभी भी बढ़ा हुआ है।
गंगा और कोसी पर क्यों टिकी है नजर?
बिहार की मौजूदा स्थिति में कई नदियों का जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक कोसी नदी बलतारा और कुर्सेला में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं गंगा नदी भागलपुर के कहलगांव में खतरे के निशान को पार कर चुकी है।
इसका सीधा असर निचले इलाकों में रहने वाली आबादी पर पड़ता है। घरों, खेतों और स्थानीय संपर्क मार्गों पर पानी का दबाव बना रहने से लोगों के लिए सामान्य जीवन में लौटना मुश्किल हो रहा है।
राहत कैंपों में हजारों लोग, करोड़ों भोजन बांटे गए
बाढ़ से विस्थापित लोगों के लिए राज्य में राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार छह राहत शिविरों में 7,714 लोगों को आश्रय दिया गया है। इन शिविरों में भोजन और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके अलावा तीन सामुदायिक रसोई संचालित हैं। अब तक इन रसोइयों के माध्यम से करीब 1.96 करोड़ भोजन उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 27 SDRF और 8 NDRF टीमें तैनात हैं। अभियान में 391 नावें भी इस्तेमाल की जा रही हैं।
बारिश का नया अलर्ट, 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी
बाढ़ की मौजूदा स्थिति के बीच मौसम का पूर्वानुमान प्रशासन के लिए एक और चुनौती है।
IMD के 23 सितंबर के अपडेट के अनुसार बिहार में:
- 23 सितंबर: भारी बारिश की चेतावनी
- 24 सितंबर: बहुत भारी बारिश की चेतावनी
- 25 सितंबर: भारी बारिश की चेतावनी
- 26 सितंबर: भारी बारिश की चेतावनी
इसके अलावा गरज-चमक और आंधी जैसी मौसम संबंधी गतिविधियों की भी चेतावनी दी गई है।
इसका मतलब है कि आने वाले कुछ दिन बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए अहम रहेंगे। बारिश और नदी के जलस्तर में बदलाव के आधार पर स्थानीय प्रशासन को राहत और निकासी अभियान में बदलाव करना पड़ सकता है।
केंद्र की टीम ने भी किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा
बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 16 सितंबर को बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था।
PIB के मुताबिक उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अधिकारियों के साथ हाजीपुर, वैशाली, मुंगेर और भागलपुर में स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों और किसानों से मुलाकात की तथा राहत और बचाव व्यवस्था की समीक्षा की।
चौहान ने कहा था कि प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर 2016 की बाढ़ के स्तर से लगभग एक फीट ऊपर होने की जानकारी उन्हें मुख्यमंत्री और स्थानीय लोगों से मिली। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से केले और मक्के की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
प्रभावित परिवारों को अंतरिम राहत भी दी जा रही
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बिहार सरकार ने अंतरिम सहायता शुरू की है। 16 सितंबर की केंद्रीय टीम की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया था कि प्रभावित परिवारों को ₹7,000 की अंतरिम सहायता देना शुरू किया गया है।
कृषि और अन्य नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की सहायता और मुआवजे की प्रक्रिया तय की जानी है।
सिर्फ बाढ़ नहीं, बारिश की कमी भी बनी चुनौती
बिहार की मौजूदा स्थिति का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि व्यापक बाढ़ के बावजूद राज्य में कुल बारिश सामान्य से कम रही है।
23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 1 जून से अब तक 661.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 29 प्रतिशत कम है। इसके बावजूद नदियों में बढ़े जलस्तर और स्थानीय तथा ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी ने कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा की है।
यही वजह है कि बिहार में इस समय एक साथ बाढ़, फसल नुकसान और मौसम संबंधी जोखिमों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
अब अगले कुछ दिन क्यों महत्वपूर्ण हैं?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर का रुख क्या रहता है। IMD की 23 से 26 सितंबर तक की चेतावनियों के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहना होगा।
50 लाख से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने के बाद चुनौती केवल लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं है। घरों, फसलों, पशुधन और स्थानीय बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास भी आगे की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
फिलहाल प्रशासन का फोकस राहत, बचाव, सुरक्षित निकासी और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने पर है। मौसम और नदी के जलस्तर में बदलाव के साथ आंकड़े भी आगे बदल सकते हैं।
Key Facts
- 50.49 लाख: बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या।
- 15 जिले: मौजूदा बाढ़ से प्रभावित जिले।
- 576 ग्राम पंचायतें: जलमग्न बताई गई हैं।
- 7,714 लोग: छह राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं।
- 391 नावें: राहत और बचाव अभियान में तैनात।
- 35 टीमें: 27 SDRF और 8 NDRF टीमें अभियान में लगी हैं।
- 24 सितंबर: IMD ने बिहार में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
Sources
Press Information Bureau (PIB)
India Meteorological Department (IMD)
The New Indian Express
Hindustan Times
Indian Express




