IIT Bombay ने 26 और 27 सितंबर 2026 को प्रस्तावित Mid-Semester परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। अब ये परीक्षाएं 10 और 11 अक्टूबर को होंगी और संस्थान ने स्पष्ट किया है कि पेपर का मौजूदा टाइमटेबल ही लागू रहेगा। यह फैसला छात्र Sahil Wakode की 18 सितंबर को हुई मौत के बाद कैंपस में विरोध-प्रदर्शन और जांच के बीच आया है।
मामले की जांच अब दो स्तरों पर चल रही है। IIT Bombay ने परिस्थितियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति बनाई है, जबकि Mumbai Crime Branch CCTV फुटेज, बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। इस बीच संस्थान ने अपने पहले के communication को लेकर भी खेद जताया है और कहा है कि औपचारिक जांच पूरी होने से पहले घटना के कारणों के बारे में निष्कर्षात्मक विवरण देना उचित नहीं था।
26-27 सितंबर की परीक्षा अब 10-11 अक्टूबर को होगी
IIT Bombay की Mid-Semester परीक्षाएं पहले 26 और 27 सितंबर को निर्धारित थीं। नए कार्यक्रम के मुताबिक परीक्षा अब शनिवार, 10 अक्टूबर और रविवार, 11 अक्टूबर को होगी।
संस्थान ने यह भी बताया है कि टाइमटेबल में बदलाव नहीं किया गया है। यानी परीक्षा की तारीख बदली है, लेकिन संबंधित पेपरों का मौजूदा क्रम/टाइमटेबल वही रहेगा।
छात्रों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बदलाव यही है कि 26-27 सितंबर के बजाय उन्हें 10-11 अक्टूबर की नई तारीखों के अनुसार परीक्षा देनी होगी।
Sahil Wakode मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति
IIT Bombay के Board of Governors ने Sahil Wakode की मौत से जुड़े हालात की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित की है।
Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार समिति की अध्यक्षता डॉ. रमेश वेंकटेश्वरन करेंगे, जो IIT Palakkad के Board of Governors के Chairman हैं। समिति में IIT Bombay के शिक्षक, छात्र प्रतिनिधि, एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, पूर्व vigilance officer और psychiatrist भी शामिल हैं।
समिति में शामिल छात्र सदस्यों के नाम आदित्य जोशी, देव अरोड़ा और शोधार्थी देवी लाल बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार psychiatrist डॉ. हरीश शेट्टी भी समिति का हिस्सा हैं।
समिति को घटना की परिस्थितियों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
Mumbai Crime Branch CCTV और बयानों की कर रही जांच
IIT Bombay की आंतरिक जांच के साथ Mumbai Crime Branch भी मामले की अलग जांच कर रही है।
जांच एजेंसी परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल से जुड़े CCTV फुटेज की पड़ताल कर रही है ताकि Sahil की परीक्षा के दौरान की गतिविधियों से लेकर बाद की घटनाओं तक का क्रम स्पष्ट किया जा सके। पुलिस ने Sahil के माता-पिता के बयान भी दर्ज किए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार पुलिस मामले से जुड़े लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। Sahil के परिवार ने जातिगत भेदभाव और कथित जातिगत टिप्पणियों के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
FIR में लगाए गए आरोपों की भी जांच
Sahil के परिवार की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई थी, जिसमें एक IIT Bombay professor के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। परिवार ने कथित जातिगत टिप्पणियों और उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
IIT Bombay ने पहले कहा था कि Sahil की ओर से जातिगत भेदभाव को लेकर SC/ST Cell या प्रशासन के पास कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी। संस्थान ने यह भी कहा था कि वह जांच में अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगा।
इसलिए मौजूदा स्थिति में परिवार के आरोप, संस्थान का पक्ष और पुलिस की जांच—तीनों को अलग-अलग समझना जरूरी है। अभी किसी आरोप को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।
IIT Bombay ने अपने पहले communication पर जताया खेद
मामले में एक महत्वपूर्ण बदलाव IIT Bombay की अपनी communication को लेकर भी आया है।
संस्थान ने बाद में कहा कि Sahil की मौत से पहले हुई घटनाओं के बारे में उसके शुरुआती communication में जिस तरह विवरण दिया गया था, वह उचित नहीं था क्योंकि उन घटनाओं और परिस्थितियों की जांच अभी जारी थी।
IIT Bombay ने अपने पहले communication के लिए खेद जताते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले घटनाओं को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए था।
यह clarification इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शुरुआती रिपोर्टिंग में परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT से जुड़े आरोपों/विवरणों का उल्लेख हुआ था। अब संस्थान स्वयं कह चुका है कि घटना से पहले की परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
2024 का एक पुराना email फिर क्यों चर्चा में आया?
मामले के बीच IIT Bombay के एक professor का 2024 का email भी फिर चर्चा में आया है।
Indian Express के अनुसार, उस समय Student Affairs के Dean रहे Professor Suryanarayana Doolla की ओर से छात्रों को भेजे गए anti-discrimination guidelines में सहपाठियों से उनके JEE Advanced rank, GATE score, admission category या ऐसी जानकारी पूछने से बचने की सलाह दी गई थी, जिससे उनकी caste या reserved-category status का पता चल सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक ये guidelines पहली बार 2023 में तैयार की गई थीं और 2024 में दोबारा circulate की गईं। यह पुराना communication मौजूदा मामले में परिवार द्वारा लगाए गए caste-discrimination allegations के संदर्भ में फिर सामने आया है।
हालांकि, इस email का सामने आना अपने आप में Sahil के मामले में लगाए गए आरोपों को साबित नहीं करता। मौजूदा आरोपों और घटना के बीच संबंध की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।
छात्रों के विरोध के बाद 18-point charter पर बनी सहमति
Sahil की मौत के बाद IIT Bombay परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच के अलावा disciplinary procedures, student representation और student welfare से जुड़े कई बदलावों की मांग की।
Indian Express के अनुसार, 21 सितंबर को IIT Bombay Director Professor Shireesh Kedare ने छात्रों द्वारा रखे गए 18-point charter of demands पर सहमति जताई थी।
इसके बाद संस्थान की ओर से आंतरिक जांच समिति गठित करने और परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव जैसे कदम सामने आए।
परिवार की मांग और Azad Maidan को लेकर विवाद
Sahil के माता-पिता ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने विरोध और hunger strike का ऐलान भी किया था।
24 सितंबर को Mumbai Police और परिवार के बीच protest venue को लेकर मतभेद की खबर सामने आई। परिवार IIT Bombay के मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन करना चाहता था, जबकि पुलिस ने Azad Maidan में प्रदर्शन की अनुमति दी थी और परिवार को वहां प्रदर्शन करने के लिए कहा।
परिवार IIT Bombay के गेट पर प्रदर्शन की मांग पर कायम रहा। यह घटनाक्रम भी मामले की मौजूदा स्थिति का हिस्सा है और पुलिस तथा परिवार के बीच बातचीत जारी रहने की बात सामने आई है।
अभी जांच में सबसे अहम सवाल क्या हैं?
इस मामले में जांच का मुख्य उद्देश्य घटनाओं का क्रम स्पष्ट करना है—परीक्षा के दौरान क्या हुआ, उसके बाद Sahil के साथ क्या घटनाएं हुईं और उनकी मौत तक परिस्थितियां कैसे पहुंचीं।
Crime Branch CCTV फुटेज और बयानों की जांच कर रही है, जबकि IIT Bombay की 10 सदस्यीय समिति संस्थान के स्तर पर पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की समीक्षा करेगी।
इस बीच, जातिगत भेदभाव से जुड़े परिवार के आरोप भी जांच का हिस्सा हैं। जब तक पुलिस या अन्य सक्षम जांच प्रक्रिया से निष्कर्ष सामने नहीं आता, इन आरोपों और घटना के कारणों को अंतिम रूप से तय मानना उचित नहीं होगा।
Key Facts
- IIT Bombay ने 26-27 सितंबर की Mid-Semester परीक्षाएं 10-11 अक्टूबर तक स्थगित की हैं।
- परीक्षा का मौजूदा timetable वही रहेगा, केवल तारीखें बदली गई हैं।
- Sahil Wakode की मौत से जुड़े हालात की जांच के लिए 10 सदस्यीय IIT Bombay समिति बनाई गई है।
- समिति में तीन छात्र और एक psychiatrist भी शामिल हैं।
- Mumbai Crime Branch CCTV फुटेज, बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
- Sahil के परिवार ने जातिगत भेदभाव और कथित जातिगत टिप्पणियों के आरोप लगाए हैं; इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
- IIT Bombay ने अपने पहले communication को लेकर खेद जताते हुए कहा है कि जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों को निष्कर्ष के रूप में पेश करना उचित नहीं था।
नोट: यह मामला अभी जांच के चरण में है। जांच एजेंसियों और IIT Bombay की समिति से आगे और तथ्य सामने आ सकते हैं। इसलिए वर्तमान रिपोर्ट में आरोपों और स्थापित तथ्यों को अलग-अलग रखा गया है।
The Indian Express — IIT Bombay investigation committee
Source
What it supports: 10-member committee, committee members, student representatives, psychiatrist और seven-day report timeline. India Today — Mid-Semester exam postponement
Source
What it supports: 26-27 सितंबर से 10-11 अक्टूबर की revised examination dates और unchanged timetable. India Today — Crime Branch investigation
Source
What it supports: Parents’ statements, CCTV/evidence investigation और Crime Branch की जांच. The Indian Express — 2024 email
Source
What it supports: Anti-discrimination guidelines और JEE/GATE/admission-category से जुड़े 2024 email का संदर्भ. India Today — Parents’ protest
Source
What it supports: IIT Bombay gate बनाम Azad Maidan protest venue और परिवार की मांग.




