गुजरात में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे परिवारों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 लाख से अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए करीब ₹1,000 करोड़ की अतिरिक्त रूफटॉप सोलर सब्सिडी मंजूर की है। 21 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, पात्र सामान्य श्रेणी के परिवारों को निर्धारित लागत का 10% और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) परिवारों को केवल 5% देना होगा। इस व्यवस्था में केंद्र की सहायता के बाद बची पात्र लागत का हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।
₹1,000 करोड़ की मंजूरी से किसे मिलेगी राहत?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में बुधवार, 21 अक्टूबर को हुई गुजरात मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघाणी ने गांधीनगर में इसकी जानकारी दी।
इस अतिरिक्त सहायता का उद्देश्य घरों पर सोलर सिस्टम लगाने की शुरुआती लागत कम करना है, ताकि ज्यादा परिवार सौर ऊर्जा अपना सकें। रिपोर्ट के मुताबिक, यह लाभ आवासीय रूफटॉप सोलर सिस्टम की अधिकतम 2 किलोवाट क्षमता तक लागू होगा।
यहां एक जरूरी बात समझना महत्वपूर्ण है: ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा प्रस्तावित या स्वीकृत अतिरिक्त सरकारी खर्च से जुड़ा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर परिवार को इतनी राशि मिलेगी। प्रत्येक लाभार्थी को मिलने वाली सहायता सिस्टम की पात्र लागत, केंद्र की सब्सिडी और निर्धारित व्यक्तिगत योगदान के आधार पर तय होगी।
1 किलोवाट और 2 किलोवाट सोलर सिस्टम पर कितना खर्च आएगा?
उपलब्ध रिपोर्ट में दिए गए उदाहरणों के अनुसार, परिवारों का वास्तविक योगदान सिस्टम की क्षमता और निर्धारित लागत पर निर्भर करेगा। नीचे दिए गए आंकड़े रिपोर्ट में उल्लिखित लागत के आधार पर हैं।
1 किलोवाट सिस्टम
रिपोर्ट में बताई गई लागत: ₹54,000
सामान्य श्रेणी
₹5,400
कुल लागत का 10%
SC/ST परिवार
₹2,700
कुल लागत का 5%
2 किलोवाट सिस्टम
रिपोर्ट में बताई गई लागत: ₹1,07,200
सामान्य श्रेणी
₹10,720
कुल लागत का 10%
SC/ST परिवार
₹5,360
कुल लागत का 5%
नोट: ये रिपोर्ट में दिए गए उदाहरण हैं, सभी इंस्टॉलेशन के लिए अंतिम कोटेशन नहीं। वास्तविक भुगतान पात्रता, स्वीकृत लागत और लागू दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।
बाकी खर्च केंद्र और राज्य सरकार कैसे उठाएंगे?
रिपोर्ट के मुताबिक, 1 किलोवाट सिस्टम की ₹54,000 की निर्धारित लागत में केंद्र की सब्सिडी ₹32,400 है। सामान्य श्रेणी का परिवार ₹5,400 देगा और राज्य सरकार शेष ₹16,200 की सहायता देगी। SC/ST परिवार का योगदान ₹2,700 होगा और राज्य की सहायता ₹18,900 होगी।
2 किलोवाट सिस्टम के लिए रिपोर्ट में ₹1,07,200 की लागत और ₹62,800 की केंद्रीय सहायता बताई गई है। इसके बाद सामान्य श्रेणी के परिवार का योगदान ₹10,720 तथा SC/ST परिवार का योगदान ₹5,360 होगा। बाकी पात्र राशि राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता से पूरी की जाएगी।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रस्तावित व्यवस्था में राज्य की अतिरिक्त सब्सिडी शुरुआती निवेश को काफी कम कर सकती है। हालांकि, भुगतान करने से पहले लाभार्थियों को अपने बिजली वितरण क्षेत्र की कंपनी (DISCOM) से लागू शर्तों और अंतिम स्वीकृत राशि की पुष्टि करनी चाहिए।
पीएम सूर्य घर योजना में गुजरात की नई राहत कैसे अलग है?
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की आवासीय रूफटॉप सोलर पहल है। इसका उद्देश्य परिवारों को अपनी छत पर बिजली पैदा करने में मदद करना और घरेलू बिजली खर्च कम करने के अवसर उपलब्ध कराना है।
केंद्र की मूल योजना में निर्धारित मानक दरों के अनुसार 1 किलोवाट सिस्टम के लिए ₹30,000, 2 किलोवाट के लिए ₹60,000 और 3 किलोवाट या उससे अधिक के लिए अधिकतम ₹78,000 तक केंद्रीय सहायता का प्रावधान बताया गया था।
गुजरात की ताजा खबर में बताई गई व्यवस्था इससे अलग, राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता से जुड़ी है। रिपोर्ट में 1 किलोवाट और 2 किलोवाट सिस्टम के लिए केंद्रीय सहायता की अलग-अलग राशि दी गई है। इसलिए लाभार्थियों को अपने आवेदन पर लागू वर्तमान केंद्रीय सब्सिडी और राज्य की नई सहायता को एक साथ समझना चाहिए।
आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
नई सब्सिडी की खबर सामने आने के बाद सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे परिवारों के लिए कुछ व्यावहारिक कदम उपयोगी होंगे।
- पात्रता की पुष्टि करें: पता करें कि आपका परिवार नई राज्य सहायता की शर्तें पूरी करता है या नहीं।
- सिस्टम की क्षमता चुनें: नई रिपोर्ट में अतिरिक्त सहायता 2 किलोवाट तक के आवासीय सिस्टम के लिए बताई गई है।
- अधिकृत विक्रेता चुनें: केंद्र की योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकृत विक्रेता और संबंधित DISCOM की प्रक्रिया की जानकारी लें।
- लिखित लागत विवरण मांगें: केंद्र की सब्सिडी, राज्य की अतिरिक्त सहायता और आपके हिस्से की राशि अलग-अलग दर्ज होनी चाहिए।
- आधिकारिक आदेश देखें: आवेदन करने या अग्रिम भुगतान करने से पहले नई योजना की लागू तारीख, पात्रता, दस्तावेज और भुगतान प्रक्रिया की पुष्टि करें।
केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर आवासीय रूफटॉप सोलर योजना और संबंधित वितरण कंपनियों की जानकारी उपलब्ध है।
क्या इससे हर परिवार का बिजली बिल शून्य हो जाएगा?
कम लागत पर सोलर सिस्टम लगने से परिवारों को बिजली खर्च कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन केवल सब्सिडी मिलने के आधार पर हर महीने शून्य बिल की गारंटी नहीं दी जा सकती।
बिजली की खपत, सिस्टम की उत्पादन क्षमता, मौसम, छत पर उपलब्ध जगह और स्थानीय बिजली वितरण नियम वास्तविक बचत को प्रभावित करते हैं। इसलिए परिवारों को केवल शुरुआती कीमत नहीं, बल्कि अपनी रोजमर्रा की बिजली जरूरत और भविष्य के रखरखाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।
अब लाभार्थियों को किस बात पर नजर रखनी चाहिए?
गुजरात सरकार की इस अतिरिक्त सहायता से पात्र परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर लगवाने की शुरुआती लागत कम होने की उम्मीद है। अब सबसे जरूरी जानकारी नई सब्सिडी की आधिकारिक अधिसूचना, आवेदन की प्रक्रिया और लाभार्थियों के लिए लागू शर्तों की होगी।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर सबसे अहम बात यह है कि सामान्य श्रेणी के पात्र परिवारों का निर्धारित योगदान 10% और SC/ST परिवारों का 5% बताया गया है। इच्छुक परिवारों को अंतिम निर्णय लेने से पहले संबंधित सरकारी विभाग या DISCOM से लिखित पुष्टि लेनी चाहिए।


