पूर्वोत्तर में ड्रग्स-हवाला नेटवर्क पर कार्रवाई: 1,424 बैंक खाते फ्रीज़, ₹100 करोड़ के लेनदेन की जांच

पूर्वोत्तर भारत में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी और उससे जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत 23 अक्टूबर को असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि कार्रवाई में 1,424 बैंक खाते फ्रीज़ किए गए और करीब ₹100 करोड़ के हवाला लेनदेन का पता चला। संपत्तियां भी अटैच की गईं और नकदी तथा डेटोनेटर जब्त किए गए।

इस कार्रवाई का अहम पहलू केवल नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना नहीं, बल्कि कथित तौर पर उससे होने वाली कमाई को इधर-उधर पहुंचाने वाले वित्तीय नेटवर्क की पहचान करना भी है।

38 जगहों पर एक साथ कार्रवाई, निशाने पर था पूरा नेटवर्क

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के 25 अक्टूबर के बयान के मुताबिक, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने केंद्रीय एजेंसियों और संबंधित राज्य पुलिस बलों के समन्वय से ऑपरेशन ट्राइडेंट चलाया। इस अभियान में 38 टीमों ने तीन राज्यों में 38 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की।

सरकारी जानकारी के अनुसार, जांच में NCB, मिजोरम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भूमिका रही। कार्रवाई का उद्देश्य तस्करी से जुड़े परिचालन तंत्र के साथ-साथ कथित अवैध धन के प्रवाह को भी निशाना बनाना था।

₹100 करोड़ के हवाला लेनदेन और 1,424 बैंक खातों का मामला

गृह मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी में कार्रवाई के प्रमुख नतीजे इस तरह बताए गए हैं:

  • 1,424 बैंक खाते फ्रीज़ किए गए।
  • करीब ₹100 करोड़ के हवाला लेनदेन का पता चला।
  • लगभग ₹17.82 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गईं।
  • ₹12 लाख नकद जब्त किए गए।
  • 500 डेटोनेटर बरामद किए गए।
  • सरकारी बयान में 18 लोगों की गिरफ्तारी का उल्लेख है।

ये आंकड़े सरकारी बयान और गृह मंत्री की ओर से साझा की गई जानकारी पर आधारित हैं। खातों को फ्रीज़ करना या संपत्ति अटैच करना अपने-आप में किसी खाताधारक या संपत्ति के मालिक के अपराधी होने का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं है। जांच में संबंधित व्यक्तियों और लेनदेन की भूमिका स्थापित करना आगे की प्रक्रिया का हिस्सा होगा।

गिरफ्तारियों की संख्या पर क्या ध्यान रखना चाहिए?

सरकारी बयान में 18 गिरफ्तारियों का आंकड़ा दिया गया है। हालांकि, Hindustan Times की रिपोर्ट में 23 अक्टूबर की ED कार्रवाई के संदर्भ में छह गिरफ्तारियों का उल्लेख है। यह अंतर अलग-अलग एजेंसियों की कार्रवाई, तत्काल गिरफ्तारियों और व्यापक मामले से जुड़े कुल आंकड़ों के बीच हो सकता है। उपलब्ध रिपोर्टों से इस अंतर की पूरी व्याख्या स्पष्ट नहीं होती, इसलिए गिरफ्तारी के आंकड़े को संबंधित स्रोत के संदर्भ में ही समझना चाहिए।

भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के बीच तस्करी मार्ग की जांच

PIB और The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियों का ध्यान ऐसे कथित नेटवर्क पर है जो भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के बीच नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा बताया गया है। सरकारी बयान में इस मार्ग को “डेथ ट्रायंगल कॉरिडोर” कहा गया है।

The Indian Express की रिपोर्ट में मिजोरम के आइजोल, चम्फाई और जोखावथार के साथ मणिपुर के चुराचांदपुर तथा असम के कछार क्षेत्र का उल्लेख है। ये स्थान कार्रवाई और कथित नेटवर्क की जांच से जुड़े बताए गए हैं।

सीमावर्ती इलाकों से जुड़े मामलों में जांच केवल तस्करी के रास्तों तक सीमित नहीं रहती। एजेंसियों को यह भी पता लगाना होता है कि कथित कमाई कहां जमा हुई, किन खातों के जरिए आगे भेजी गई और सीमा पार आपूर्ति से इसका क्या संबंध था।

अमित शाह ने कार्रवाई को वित्तीय नेटवर्क पर प्रहार बताया

गृह मंत्री अमित शाह ने 25 अक्टूबर को साझा किए गए संदेश में ऑपरेशन ट्राइडेंट की सराहना की। उनके अनुसार, तीन राज्यों में एक साथ की गई कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के परिचालन और वित्तीय ढांचे को निशाना बनाया। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों और तीनों राज्यों की पुलिस टीमों को बधाई भी दी।

PIB के बयान में इस कार्रवाई को केंद्र सरकार के 2026–2029 के नारकोटिक्स नियंत्रण विजन से जोड़ा गया है। इसमें केवल नशीले पदार्थों की जब्ती के बजाय तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क और उसके वित्तीय स्रोतों को बाधित करने पर जोर दिया गया है।

अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?

कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियों के सामने कथित वित्तीय लेनदेन की कड़ियां जोड़ना, फ्रीज़ किए गए खातों की भूमिका की जांच करना और जब्त संपत्तियों के स्रोत का पता लगाना अहम होगा। साथ ही, तस्करी से जुड़े लोगों, धन पहुंचाने वालों और सीमा पार नेटवर्क के बीच संबंधों की पुष्टि करना भी जरूरी होगा।

फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी कार्रवाई के दायरे और शुरुआती नतीजों पर केंद्रित है। सभी संदिग्ध लेनदेन और व्यक्तियों की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकेगा।

मुख्य तथ्य एक नजर में

  • ऑपरेशन: ट्राइडेंट
  • कार्रवाई की तारीख: 23 अक्टूबर 2026
  • राज्य: असम, मिजोरम और मणिपुर
  • छापेमारी: 38 स्थानों पर एक साथ
  • बैंक खाते: 1,424 फ्रीज़
  • हवाला लेनदेन: करीब ₹100 करोड़
  • अटैच संपत्ति: ₹17.82 करोड़
  • आगे की प्रक्रिया: कथित वित्तीय और तस्करी नेटवर्क की जांच

Sources

Source: PIB — ऑपरेशन ट्राइडेंट पर गृह मंत्रालय का बयान
What it supports: अभियान की तारीख, तीन राज्यों में 38 स्थानों पर छापेमारी, 1,424 खाते फ्रीज़ होने, ₹100 करोड़ के हवाला लेनदेन, संपत्ति और जब्ती से जुड़े आधिकारिक आंकड़े।

Source: The Indian Express — ऑपरेशन ट्राइडेंट और अमित शाह का बयान
What it supports: कार्रवाई का विवरण, संबंधित स्थान, जांच एजेंसियों की भूमिका और कथित सीमा-पार तस्करी नेटवर्क की जानकारी।

Source: Hindustan Times — पूर्वोत्तर में ड्रग्स और हवाला मामले की रिपोर्ट
What it supports: ED की कार्रवाई और गिरफ्तारियों की संख्या से संबंधित रिपोर्टिंग; आधिकारिक कुल आंकड़े के साथ तुलना के लिए।