ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में एक दंपति और उनके तीन बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने तीन रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती तौर पर मौतों के पीछे खाद्य विषाक्तता की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में मृतक महेश के मोबाइल फोन में मिले वॉइस नोट और पारिवारिक विवाद से जुड़े आरोपों ने जांच को नया मोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, मौतों के सटीक कारण और घटना की पूरी परिस्थितियां फॉरेंसिक जांच से स्पष्ट होंगी।
एक ही घर में मिले पांच शव, तीन बच्चे भी शामिल
यह घटना 17 अक्टूबर 2026 की सुबह सामने आई। पुलिस के अनुसार, रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में महेश, उनकी पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चे घर में मृत पाए गए।
मृतकों की पहचान महेश (37), ललिता (35), उनके बेटे लड्डू (11) और सशक्त (3), तथा बेटी मिष्टी (7) के रूप में की गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और जांच शुरू की गई।
पहले खाने से जुड़ी आशंका, फिर जांच में सामने आया नया पहलू
घटना के शुरुआती घंटों में पुलिस ने संभावित फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार ने पिछली रात नूडल्स खाए थे। हालांकि, केवल इस जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौतें भोजन के कारण हुईं।
बाद की रिपोर्टों में बताया गया कि पोस्टमॉर्टम में विषाक्तता के संकेत मिलने की बात सामने आई और नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। विषाक्त पदार्थ की प्रकृति, उसके संभावित स्रोत और मौतों के वास्तविक कारण की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
मोबाइल में मिले वॉइस नोट के बाद तीन रिश्तेदार गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई में अहम बदलाव तब आया, जब महेश के मोबाइल फोन में वॉइस नोट मिलने की जानकारी सामने आई। द ट्रिब्यून की पीटीआई रिपोर्ट के अनुसार, वॉइस नोट में महेश ने कथित तौर पर तीन रिश्तेदारों को जिम्मेदार ठहराया था।
पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद महेश की दो बहनों और एक बहनोई को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कार्रवाई किए जाने की खबर है। गिरफ्तारी का अर्थ आरोप साबित होना नहीं है; मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के आधार पर ही होगी।
क्या संपत्ति विवाद इस मामले से जुड़ा है?
मृतक के परिवार के कुछ सदस्यों ने संपत्ति को लेकर विवाद होने के आरोप लगाए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, परिजनों का दावा है कि परिवार की जमीन और मकान के हस्तांतरण को लेकर तनाव था।
इन आरोपों को अभी स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पुलिस की शुरुआती जांच में संपत्ति विवाद की संभावना का उल्लेख हुआ है, लेकिन यह अपने आप में मौतों का कारण या गिरफ्तार लोगों की दोषसिद्धि साबित नहीं करता। जांच में वॉइस नोट, पोस्टमॉर्टम निष्कर्ष, फॉरेंसिक नमूने और अन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
अब किन रिपोर्टों से खुलेगा मौतों का राज?
इस मामले में अगला अहम चरण फॉरेंसिक जांच के नतीजे हैं। उनसे यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि मौतों में किस तरह के विषाक्त पदार्थ की भूमिका थी और क्या कोई अन्य कारण सामने आता है। पुलिस को उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और दर्ज शिकायत की भी जांच करनी होगी।
फिलहाल, पांच लोगों की मौत की परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए शुरुआती फूड पॉइजनिंग की आशंका, परिजनों के संपत्ति विवाद संबंधी आरोप और गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है। आगे की आधिकारिक जानकारी और जांच रिपोर्ट ही मामले की तस्वीर साफ करेंगी।
मुख्य तथ्य
- स्थान: नगला श्री पदम गांव, रबूपुरा क्षेत्र, ग्रेटर नोएडा।
- घटना: एक दंपति और उनके तीन बच्चों की मौत।
- घटना सामने आई: 17 अक्टूबर 2026 की सुबह।
- पुलिस कार्रवाई: मृतक की दो बहनों और एक बहनोई को गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्ट।
- जांच का आधार: वॉइस नोट, पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच।
- अभी क्या स्पष्ट नहीं: मौतों का सटीक कारण और घटना से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि।
Sources
1. Source: The Tribune / PTI
What it supports: तीन रिश्तेदारों की गिरफ्तारी, वॉइस नोट और फॉरेंसिक रिपोर्ट की प्रतीक्षा।
2. Source: Hindustan Times
What it supports: पुलिस की कार्रवाई और मोबाइल में मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग से संबंधित जानकारी।
3. Source: The New Indian Express
What it supports: शुरुआती जांच, संदिग्ध खाद्य विषाक्तता और पोस्टमॉर्टम के आधार पर आगे की कार्रवाई।
4. Source: The Times of India
What it supports: परिजनों की ओर से लगाए गए संपत्ति विवाद संबंधी आरोप। ये आरोप स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं हैं।


