Ahmedabad के Palladium Mall स्थित PVR INOX में cash payment को लेकर विवाद सामने आया है। गुजरात हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता Utkarsh Dave ने आरोप लगाया कि 13 सितंबर को फिल्म देखने पहुंचे तो उन्हें टिकट और बाद में food & beverages के लिए cash देने से मना किया गया और UPI से भुगतान करना पड़ा। इस मामले में उन्होंने PVR INOX Ltd को 16 सितंबर को legal notice भेजकर कथित cashless व्यवस्था की कानूनी और उपभोक्ता संबंधी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
मामले में एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि PVR INOX के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस आरोप से अलग स्थिति बताई है। कंपनी के अनुसार उसके सिनेमाघरों में cash स्वीकार किया जाता है और Palladium Ahmedabad में भी cash को एक refundable digital card में बदला जा सकता है।
आखिर Palladium Mall में हुआ क्या?
Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, Utkarsh Dave 13 सितंबर को Palladium Mall स्थित PVR INOX में ‘Mirzapur: The Movie’ देखने पहुंचे थे।
Dave के अनुसार, टिकट के लिए उन्होंने ₹475 cash में भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बताया गया कि cash स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद उन्होंने UPI से ₹475 का भुगतान किया।
बाद में food और beverages खरीदते समय भी उन्होंने cash से भुगतान करने की कोशिश की। उनके अनुसार वहां भी cash स्वीकार नहीं किया गया और उन्हें ₹420 का दूसरा भुगतान UPI से करना पड़ा। यानी दोनों लेनदेन में कुल ₹895 का भुगतान UPI के जरिए हुआ।
Dave ने अपने notice में यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी आपत्ति UPI या card जैसे digital payment विकल्प उपलब्ध कराने को लेकर नहीं है। सवाल कथित तौर पर cash को पूरी तरह स्वीकार न करने और ग्राहक को केवल एक निर्धारित payment method अपनाने के लिए मजबूर किए जाने पर है।
Legal Notice में किन सवालों के जवाब मांगे गए?
Dave ने PVR INOX से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या Palladium Mall outlet में cash payment रोकने के लिए कोई written company policy, circular या internal instruction मौजूद है।
उन्होंने यह भी पूछा है कि यदि ऐसी policy है तो क्या ग्राहकों को payment counter तक पहुंचने से पहले इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाती है।
Notice में यह सवाल भी उठाया गया है कि जिन ग्राहकों के पास smartphone, internet या UPI जैसी digital सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनके लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था है।
RBI Act में Cash को लेकर क्या प्रावधान है?
Legal notice में Reserve Bank of India Act, 1934 की Section 26(1) का भी उल्लेख किया गया है।
RBI के आधिकारिक FAQ के अनुसार, RBI द्वारा जारी banknotes legal tender हैं और भारत में उनके अंकित मूल्य के लिए payment या account में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
हालांकि, इस मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी nuance है। केवल यह तथ्य कि भारतीय banknotes legal tender हैं, अपने आप में यह निष्कर्ष स्थापित नहीं करता कि हर private business को हर परिस्थिति में cash स्वीकार करना ही होगा। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, खुद Dave के notice में भी यह माना गया है कि Section 26(1) को हर private establishment पर हर transaction में cash स्वीकार करने की absolute statutory obligation के रूप में पढ़ना जरूरी नहीं है। विवाद मुख्य रूप से cash को पूरी तरह अस्वीकार करने, disclosure और consumer-facing payment policy से जुड़े सवालों पर है।
यही कारण है कि इस मामले को अभी “PVR INOX ने कानून तोड़ा” जैसे निष्कर्ष के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा। फिलहाल यह एक legal notice और उसके जवाब से जुड़ा विवाद है, जिसका अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
PVR INOX का क्या कहना है?
PVR INOX के एक वरिष्ठ अधिकारी ने Indian Express को बताया कि कंपनी के सभी cinemas में credit card, debit card, UPI और cash से payment की सुविधा है।
कंपनी के मुताबिक, cash को counter पर स्वीकार करके एक पूरी तरह refundable digital card में बदला जाता है। इस्तेमाल खत्म होने के बाद बची राशि cinema में वापस की जाती है। कंपनी ने यह भी कहा कि इस व्यवस्था की जानकारी outlets पर दी जाती है और Palladium Ahmedabad भी इसका हिस्सा है।
इस तरह मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग हैं—अधिवक्ता का कहना है कि उन्हें cash payment का विकल्प नहीं दिया गया, जबकि PVR INOX का कहना है कि cash स्वीकार किया जाता है और उसके लिए refundable digital-card mechanism उपलब्ध है।
Consumer angle क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विवाद केवल एक cinema counter तक सीमित सवाल नहीं उठाता। भारत में UPI और अन्य digital payment methods का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन हर consumer की payment सुविधा एक जैसी नहीं होती।
Legal notice में इसी पहलू को उठाते हुए सवाल किया गया है कि यदि कोई establishment cash payment स्वीकार नहीं करता, तो क्या ग्राहक को इसकी जानकारी पहले से स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए और क्या ऐसे ग्राहकों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए।
यहां ध्यान रखना जरूरी है कि UPI उपलब्ध कराना और cash को अनिवार्य रूप से बंद करना दो अलग-अलग बातें हैं। मौजूदा विवाद इसी अंतर पर केंद्रित है।
अब आगे क्या होगा?
Dave ने PVR INOX को notice का जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया है। उन्होंने कहा है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वह Consumer Commission और अन्य उपयुक्त मंचों का रुख कर सकते हैं।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में किसी अदालत या उपभोक्ता आयोग द्वारा PVR INOX की कथित cash-payment practice को अवैध घोषित किए जाने की जानकारी नहीं है। इसलिए आगे की स्थिति कंपनी के जवाब और, यदि मामला आगे बढ़ता है, संबंधित प्राधिकरण या न्यायिक मंच की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
Key Facts
- मामला Palladium Mall, Ahmedabad स्थित PVR INOX outlet से जुड़ा है।
- अधिवक्ता Utkarsh Dave के अनुसार 13 सितंबर को टिकट और food के लिए cash स्वीकार नहीं किया गया।
- उनके अनुसार ₹475 और ₹420 के दो payments UPI से किए गए, यानी कुल ₹895।
- 16 सितंबर को PVR INOX को legal notice भेजा गया।
- Notice में RBI Act और Consumer Protection Act के संदर्भ में cashless policy पर सवाल उठाए गए हैं।
- PVR INOX के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी cash स्वीकार करती है और refundable digital-card व्यवस्था उपलब्ध है।
- अभी इस विवाद पर कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
Sources
- Reserve Bank of India — Indian Currency FAQ
- The Indian Express — Ahmedabad PVR INOX legal notice report
- The Economic Times — PVR INOX cash/UPI dispute report
- Business Today — Legal notice and consumer-payment questions
- National Herald — Legal notice and PVR INOX response




